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Monday, May 16, 2016

कौशिकी सम्‍मान समारोहक आयोजन

कौशिकी सम्‍मान समारोहक आयोजन

निर्मली (सुपौल) : १८ अप्रैल, संध्‍या ६:३० बजेसँ स्‍थानीय विद्यालय- एस.एन.एस. ग्‍लोवल सेमिनरीक पाँचम स्‍थापना दिवसपर विविध साहित्‍यिक एवं सांस्‍कृतिक कार्यक्रम प्रस्‍तुत कएल गेल। संगे विद्यालय परिसरमे नव-निर्मित नाट्य मंच- ‘बेनीपरी रंगशाला’क उद्घाटन सेहो भेल। उद्घाटनक पछाइत कौशिकी सम्‍मान समारोहक सत्र आरम्‍भ भेल। जेकर मुख्‍य अतिथि अयकर अधिकारी सह गजलकार ओम प्रकाश झा, विशिष्‍ठ अतिथि- साहित्‍यकार राजदेव मण्‍डल, कमलेश झा, कपिलेश्वर राउत, नन्‍द विलास राय, राम विलास साहु एवं उमेश पासवान तथा सम्‍मानित अतिथि- टैगोर साहित्‍य पुरस्‍कार एवं विदेह साहित्‍य सम्‍मानसँ सम्‍मानित साहित्‍यकार जगदीश प्रसाद मण्‍डल एवं प्रो. धीरेन्‍द्र कुमार छला। सर्वप्रथम मंचासिन सभ अतिथिगणकेँ अंग-वस्‍त्र एवं पुष्‍प-मालसँ सम्‍मानित कएल गेलैन, पछाइत श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डलकेँ हुनक समग्र साहित्‍यिक योगदानक लेल आ नाट्य-निर्देशनक योगदान लेल प्रो. धीरेन्‍द्र कुमार रायकेँ ‘कौशिकी सम्‍मान-२०१५सँ सम्‍मानित कएल गेलैन। प्रशस्‍ति-पत्र, पुष्‍प-गुच्‍छ एवं अंग-वस्‍त्र प्रदान कएल गेलैन।
सम्‍मान समारोहकेँ सम्‍बोधित करैत मुख्‍य अतिथि- ओ.पी. झा कहलैन-
“सेमिनरीक निदेशक डॉ. सुरेन्‍द्र कुमार सिंहजी अपन विद्यालयक स्‍थापना दिवसक समारोहक संग ‘कौशिकी सम्‍मान’ शुरूआत कऽ ने मात्र निर्मली अपितु मैथिली साहित्‍य-जगतमे एक कीर्तिमान स्‍थापित केलैन अछि, ई एक ऐतिहासिक कार्य छी। कौशिकी सम्‍मान लेल दुनू गोरेकेँ बधाइ। संगे सेमिनरी परिवारकेँ धन्‍यवाद..!”
क्रमकेँ जारी रखैत विशिष्‍ठ अतिथि राजदेव मण्‍डलजी अपन उद्बोधनमे कहलैन-
“बहुमुखी प्रतिभाक धनी जगदीश बाबू कमे दिनमे विपुल संख्‍यामे साहित्‍य-सृजन कऽ एवं अपन विचारधाराक बलपर मैथिली साहित्‍य-जगतमे अपन पहिचान बनेलैन। ई हुनक सच्‍चा कर्मक द्योतक अछि। जे किछु लिखै छैथ, जिनका लेल लिखै छैथ, जिनकर गप लिखै छैथ, तिनका सबहक संग डेग-डेग मिला चलबो करै छैथ! सभसँ पैघ गुण हिनक ई छैन जे विरोधक मात्र स्‍वरेटा नै ओहन बेवहारो आ जिनगियो बनेने छैथ जगदीश बाबू। जे मिथिलामे बेछप अछि! थोड़ अछि! यएह हिनक एक-एक रचनाकेँ सेहो अनुपम अनबैत अछि, बेछप बनबैत अछि। सेमिनरी परिवार जगदीश बाबू एवं प्रो. धीरेन्‍द्र बाबूकेँ कौशिकी सम्‍मानसँ सम्‍मानित कऽ निर्मलीक नाम रौशन केलैन अछि। ”
उद्बोधन क्रमकेँ जारी रखैत संघर्षशील मैथिली सैनानी श्री कमलेश झा बजला-
“नाट्य-निर्देशनक क्षेत्रमे प्रो. धीरेन्‍द्र कुमारकेँ एवं साहित्‍य-जगतमे श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डलकेँ कौशिकी सम्‍मान जे सेमिनरी परिवार, एक विद्यलय परिवार प्रदान कएल ओ अबस्‍स अनुपम कार्यक शुरूआत छी। ऐ हेतु ने मात्र सुरेन्‍द्र कुमार सिंहजी धन्‍यवादक पात्र छैथ बल्‍कि समस्‍त निर्मलीवासी धन्‍यवादक पात्र छैथ। ई क्रम अनवरत जारी रहए ई हमर शुभकामना..!”
ऐ तरहेँ अन्‍य विशिष्‍ठ अतिथिगण सेहो अपन उद्गार व्‍यक्‍त केलैन। अन्‍तमे मंच संचालक उमेश मण्‍डल आयोजककेँ धन्‍यवाद ज्ञापनक लेल आमंत्रित केलैन। डॉ. सुरेन्‍द्र कुमार सिंहजी धन्‍यवाद ज्ञापन करैत बजला-
“मंचासिन मुख्‍य अतिथि, विशिष्‍ठ अतिथि एवं सम्‍मानित अतिथिक संग सभागारमे उपस्‍थित सबहक प्रति हम आभार प्रकट करै छी। १८ अप्रैल विद्यालयक स्‍थापना दिवस छी, जे ई पाँचम छी। ऐ अवसरपर हम सभ साल किछु-ने-किछु कार्यक्रम आयोजन करैत रहलौं। मुदा ऐ सालसँ जे ‘कौशिकी सम्‍मान’क आरम्‍भ कएल ओ आगूओ जारी रहत। श्री जगदीश प्रसाद मण्‍डल एवं प्रो. धीरेन्‍द्र कुमारजी केँ सम्‍मानित कऽ हम- सेमिनरी परिवार- बहुत खुश छी, अपनाकेँ गौरवान्‍वित महसूस कऽ रहल छी! अहिना अपने सबहक सहयोग बनल रहए...। धन्‍यवाद नमन..! ”

तेसर सत्रमे विद्यालयक छात्र-छात्राक द्वारा सांस्‍कृतिक कार्यक्रम प्रस्‍तुत कएल गेल। जइमे शिक्षाक महत, स्‍वच्‍छताक महत, साम्‍प्रायिक सौहार्द, राष्‍ट्र प्रेम, लघु नाटिका, गीत, गजल संगे विभिन्न तरहक नृत्‍य इत्‍यादिक सुन्‍दर प्रदर्शनसँ भेल। जे दर्शक-दीर्घामे उपस्‍थिति श्रोता सभकेँ मंत्र-मुग्‍ध केलकैन। अनेको पारितोषिक एकर प्रमाण बनल। स्‍कूलक शिक्षकगण सेहो ऐ सुन्‍दर कला प्रदर्शन लेल धन्‍यवादक पात्र रहला। श्रुति प्रकाशनसँ प्रकाशित पोथी ‘विदेह नाट्य उत्‍सव’ एवं ‘विदेह लघु कथा संग्रह’  तथा ‘तरेगन’ नामक पोथी पल्‍लवी डिस्‍ट्रीब्‍यूटर सेमिनरीक सभ शिक्षककेँ तथा छात्र-छात्राकेँ श्रीमती प्रीति ठाकुर रचित बाल साहित्‍य- ‘मैथिली चित्रकथा’ एवं ‘गोनू झा आ आन मैथिली चित्र कथा’ पारितोषिक रूपमे प्रदान केलक। 

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